भारत की दोस्ती के लिए अमेरिका बदलने जा रहा कानून, बिना प्रतिबंध के भारत को मिल सकेंगी मिसाइलें

New Delhi: रूस और अमेरिका इन दिनों एक दूसरे पर कोई भी बड़ी कार्रवाई करने के लिए तैयार हैं। सीरिया में अमेरिका द्वारा की गई बमबारी के बाद से रूस तिलमिलाया हुआ है।

इस बीच अमेरिका ने रूस पर एक के बाद एक कई प्रतिबंध लगा दिए हैं, जिनके तहत वो अपने हथियार नहीं बेच सकता। इस बीच अमेरिका ने भारत से दोस्ती की खातिर रूस के लिए तैयार किए गए नए कानून को बदलने की तैयारी शुरू कर दी है।

भारत की दोस्ती के लिए अमेरिका बदलने जा रहा कानून, बिना प्रतिबंध के भारत को मिल सकेंगी मिसाइलें

दरअसल, भारत और रूस के बीच S-400 डिफेंस मिसाइल प्रणाली का सौदा हो चुका है। अमेरिका द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों का सीधा असर इस डील पर होना तय है। लेकिन अमेरिकी रक्षा मंत्री जिम मैटिस ने अमेरिकी संसद में तत्काल प्रभाव से भारत को राष्ट्रीय सुरक्षा छूट देने की अपील की है, ताकि वो रूस से S-400 डिफेंस मिसाइलें खरीद सके।

कांग्रेस की सीनेट सशस्त्र सेवा समिति में सुनवाई के दौरान मैटिस ने अमेरिकी सांसदों से कहा कि भारत और कुछ अन्य देशों को तत्काल प्रभाव से राष्ट्रीय सुरक्षा छूट दी जानी चाहिए, जो ‘काउंटरिंग अमेरिका एडवर्जरिज थ्रू सेक्शन एक्ट’ (सीएएटीएसए) के तहत प्रतिबंधों से दूर रहने के लिए रूस के हथियार लेने से बचने की कोशिश कर रहे हैं।

‘सीएएटीएसए’ पर 2017 अगस्त में हस्ताक्षर किए गए थे जो इस साल जनवरी से प्रभाव में आया। यह प्रावधान ट्रंप प्रशासन को उन देशों या कंपनियों को दंडित करने का अधिकार देता है जो रूस के रक्षा या खुफिया क्षेत्र से जुड़ा कोई लेन देन करता है। इस बीच, जिम मैटिस ने भारत-अमेरिका के मौजूदा संबंधों को रेखांकित करते हुए कहा कि भारत शायद एक ऐसा देश है जहां अमेरिका को कई साझा हित खोजने का सदियों में एक बार मिलने वाला अवसर हाथ लगा है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में सरकारी एजेंसियों को विदेशों में हथियारों की बिक्री में तेजी लाने और विस्तार करने का आदेश दिया था, जिसमें सहयोगी सेनाओं को मजबूत करने के लिए उन्नत ड्रोन का निर्यात शामिल है। यह कदम भारत जैसे देशों के लिए सहायक होने की उम्मीद है। मैटिस ने अमेरिकी सांसदों से कहा,‘‘हम जब इस पूरे क्षेत्र की ओर देखते हैं तो सबसे महत्वपूर्ण जो है, वह मुझे भारत दिखता है। पृथ्वी पर सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश और शायद एक ऐसा देश जहां हमें कई साझा हित खोजने का सदियों में एक बार मिलने वाला अवसर मिल रहा है।’’

बता दें कि रूसी सैन्य साजो सामान के निर्यात पर अमेरिकी प्रतिबंध से भारत के साथ हुए 60 लाख डॉलर के सौदे पर ग्रहण लग सकता है। लेकिन अमेरिकी रक्षा मंत्री की इस अपील के बाद भारत को कोई खतरा नहीं होगा। बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले साल अगस्त में एक कानून पर हस्ताक्षर किया था, जिसके अंतर्गत यह प्रावधान किया गया था कि जो कोई देश रूस के साथ रक्षा और खुफिया क्षेत्रों में सौदा करेंगे उन्हें प्रतिबंध झेलने के लिए तैयार रहना होगा।

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